पर्यटन

भारत का स्वर्ग है कश्मीर ।

भारत का सबसे सुन्दर राज्य जम्मू-कश्मीर भारत के उत्तरी भाग में स्तिथ है। यह भारत की ओर से उत्तर में चीन और अफगानिस्तान, पूर्व में चीन, और दक्षिण में हिमाचल प्रदेश और पंजाब से घिरा है। हिमालय की गोद में बसा, जम्मू और कश्मीर अपनी प्राकृतिक सौंदर्य के लिए दुनिया भर में अपना एक ख़ास मुकाम रखता है। अनेक जातियों, संस्कृतियों व भाषाओं का संगम बना यह प्रदेश एक खूबसूरत पर्यटन स्थल भी है।

जम्मू और कश्मीर एक लोकप्रिय पर्यटक आकर्षण है जिससे अपनी छुट्टी बिताने के लिए पर्यटक साल में कभी भी यहां आ सकते हैं। तवी नदी के खूबसूरत किनारों पर स्थित जम्मू-कश्मीर राज्य का यह मुख्य प्रवेश द्वार है। साथ ही प्रतिवर्ष वैष्णो देवी जाने के लिए यहां लाखों तीर्थयात्री आते हैं। यहां स्थित अनगिनत मंदिरों के कारण इसे मंदिरों की नगरी भी कहा जाता है। कला, संस्कृति तथा ऐतिहासिकता की दृष्टि से भी जम्मू का महत्वपूर्ण स्थान है। यह शहर व्यापार का एक प्रमुख केंद्र भी है। जम्मू के पर्वत पर्वतारोहण करने वालों के मध्य काफी लोकप्रिय हैं।

जम्मू एवं कश्मीर जिसमें श्रीनगर को ग्रीष्मकालीन राजधानी और जम्मू को शीतकालीन राजधानी माना जाता है। पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला और शक्तिशाली हिमालय का सेट राज्य की शोभा, में चार चाँद लगा देता है साथ ही ये जगह साहसिक उत्साही, प्रकृति प्रेमियों, और तीर्थयात्रियों के लिए मस्ट टू गो प्लेस है।

यह जगह प्रकृति के प्रेमियों के अलावा साहसिक गतिविधियों में लिप्त उत्साही लोगों के दिल में एक खास मुकाम रखती है। वैसे पर्यटक वर्ष के किसी भी महीने में जम्मू का कार्यक्रम बना सकते हैं, पर बरसात में घूमने-फिरने में होने वाली दिक्कतों के कारण वहां न जाना ही उचित है!

जम्मू – कश्मीर के कुछ प्रमुख पर्यटन स्थान :-

१ वैष्णो देवी मंदिर

वैष्णो देवी मंदिर, शक्ति को समर्पित एक पवित्रतम हिंदू मंदिर है, जो भारत के जम्मू और कश्मीर में वैष्णो देवी की पहाड़ी पर स्थित है। मदिर, जम्मू और कश्मीर राज्य के जम्मू जिले में कटरा नगर के समीप अवस्थित है। यह उत्तरी भारत में सबसे पूजनीय पवित्र स्थलों में से एक है। मंदिर, 5,200 फ़ीट की ऊंचाई और कटरा से लगभग 12 किलोमीटर (7.45 मील) की दूरी पर स्थित है। हर साल लाखों तीर्थयात्री मंदिर का दर्शन करते हैं और यह भारत में तिरूमला वेंकटेश्वर मंदिर के बाद दूसरा सर्वाधिक देखा जाने वाला धार्मिक तीर्थ-स्थल है।

२ . श्रीनगर

श्रीनगर का जम्मू और कश्मीर के पर्यटन स्थलों में बहुत महत्त्वपूर्ण स्थान है। कश्मीर घाटी के मध्य में बसा श्रीनगर भारत के प्रमुख पर्यटन स्थलों में से हैं। श्रीनगर एक ओर जहाँ डल झील के लिए प्रसिद्ध है वहीं दूसरी ओर विभिन्न मंदिरों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध है। स्वच्छ झील और ऊँचे पर्वतों के बीच बसे श्रीनगर की अर्थव्यवस्था का आधार लम्बे समय से मुख्यतः पर्यटन है। शहर से होकर नदी के प्रवाह पर सात पुल बने हुए हैं। इससे लगे विभिन्न नहरों एवं जलमार्गों में शिकारे भरे पड़े हैं। श्रीनगर अपने मन्दिरों और मस्जिदों के लिए प्रसिद्ध है। शहर के पास ही गुलमर्ग, फुलों की घाटी 2,590 मीटर की ऊँचाई पर स्थित हैं। जहाँ से हिमालय के उच्चतम शिखरों में से एक, नंगा पर्वत (ऊँचाई 8,126 मीटर) और कश्मीर घाटी का नयनाभिराम दृश्य दिखाई देता है।

३ लेह

लेह नगर, पूर्वी जम्मू-कश्मीर राज्य के उत्तरी भारत में स्थित है। यह नगर 3,520 मीटर की ऊँचाई तक उठे अत्तुंग पर्वतीय क्षेत्र पर स्थित है, जिसे ‘दुनिया की छत’ कहा जाता है। इसके चारों ओर इससे अधिक ऊँचे पर्वतों का घेरा है। लेह स्थायी आबादी वाले दुनिया के सबसे ऊँचे नगरों में से एक है।

४ गुलमर्ग

गुलमर्ग जम्‍मू और कश्‍मीर का एक खूबसूरत हिल स्‍टेशन है। इसकी सुंदरता के कारण इसे धरती का स्‍वर्ग भी कहा जाता है। यह देश के प्रमुख पर्यटन स्‍थलों में से एक हैं। फूलों के प्रदेश के नाम से मशहूर यह स्‍थान बारामूला ज़िले में स्थित है। यहाँ के हरे भरे ढलान सैलानियों को अपनी ओर खींचते हैं। समुद्र तल से 2730 मी. की ऊँचाई पर बसे गुलमर्ग में सर्दी के मौसम के दौरान यहाँ बड़ी संख्‍या में पर्यटक आते हैं।

५ . पहलगाम

पहलगाम धरती पर स्वर्ग माने जाने वाले कश्मीर के सबसे ख़ूबसूरत हिल स्टेशनों में एक है। समुद्र तल से 2130 मीटर की ऊँचाई पर स्थित पहलगाम लिद्दर नदी और शेषनाग झील के मुहाने पर बसा है। अनंतनाग ज़िले में चारों ओर बर्फ़ से ढकी चोटियों, चमकते ग्लेशियर और छलछल करती नदी के बीच बसा पहलगाम सैलानियों के मन में अमिट छाप छोड़ता है।

६ कटरा

कटरा जम्मू और कश्मीर में एक छोटा सा शहर है। इसे कटरा वैश्णो देवी के नाम से भी जाना जाता है। यहाँ से वैष्णो देवी की यात्रा शुरु होती है। यह ऊधमपुर जिले का एक भाग है और जम्मू शहर से 42 किलोमीटर की दूरी पर त्रिकुटा पर्वत की तलहटी में बसा हुआ है।

७ जम्मू

जम्मू शहर, जिसे आधिकारिक रूप से जम्मू-तवी भी कहते हैं, इस प्रभाग का सबसे बड़ा नगर है और जम्मू एवं कश्मीर राज्य की शीतकालीन राजधानी भी है। नगर के बीच से तवी नदी निकलती है, जिसके कारण इस नगर को यह आधिकारिक नाम मिला है। जम्मू नगर को “मन्दिरों का शहर” भी कहा जाता है, क्योंकि यहां ढेरों मन्दिर एवं तीर्थ हैं जिनके चमकते शिखर एवं दमकते कलश नगर की क्षितिजरेखा पर सुवर्ण बिन्दुओं जैसे दिखाई देते हैं और एक पवित्र एवं शांतिपूर्ण हिन्दू नगर का वातावरण प्रस्तुत करते हैं।

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