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सिजोफ्रेनिया के उपचार का सूत्र दो जीनों से मिल सकता है

सिंगापुर : अनुसंधानकर्ताओं ने पाया है कि दो जीनों का असामान्य व्यवहार सिजोफ्रेनिया के मूल कारण से जुड़ा हुआ है। इससे गंभीर मनोरोग के एक प्रकार सिजोफ्रेनिया के उपचार को ढूंढने में प्रगति हुई है और इससे उपचार से जुड़े नये लक्ष्य तय किये जा सकते हैं।

सिजोफ्रेनिया मस्तिष्क के दुर्बल विकास से जुड़ा हुआ है जिससे मस्तिष्क के भीतर असंतुलित संकेत पैदा होते हैं जिसके बारे में माना जाता है कि ये व्यक्ति में सिजोफ्रेनिया के साथ मतिभ्रम (Hallucinations) और व्यामोह (Stupor) पैदा करते हैं।

सिंगापुर के ड्यूक-एनयूएस ग्रेजुएट मेडिकल स्कूल के असिस्टेंट प्रोफेसर और वरिष्ठ लेखक शॉन जे ने कहा ‘हम लोग उस तंत्र को समझना चाहते हैं जिससे मस्तिष्क संचालित होता है।’ जे ने कहा ‘हम लोग दिमाग के विशेष प्रकार की कोशिका की योग्यता को मस्तिष्क संकेतन में संतुलन बनाये रखने के लिए मस्तिष्क नेटवर्क गतिविधि को व्यवस्थित करने के लिए समझना चाहते हैं जिसे इन्टरन्यूरोंस कहते हैं।’ अनुसंधानकर्ताओं ने विश्लेषण किया कि न्यूरोनल व्यवस्था में संकेतन गतिविधि में यदि डीटीएनबीपी एन जीन नहीं रहे या उसका स्तर बहुत कम होता है तो चूहे में सिजोफ्रेनिया के जैसे व्यवहार देखने को मिलते हैं।

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